Monday, June 23, 2014

Tum Apna Ranj-O-Gham / तुम अपना रंज-ओ-ग़म, अपनी परेशानी मुझे दे दो- Shagoon - 1964

तुम अपना रंज-ओ-ग़म, अपनी परेशानी मुझे दे दो 
तुम्हे ग़म की कसम इस दिल की वीरानी मुझे दे दो 

ये माना मैं किसी काबिल नहीं हूँ इन निगाहों में 
बुरा क्या हैं अगर ये दुःख ये हैरानी मुझे दे दो 

मैं देखू तो सही दुनियाँ तुम्हे कैसे सताती हैं 
कोई दिन के लिये अपनी निगेंबानी मुझे दे दो 

वो दिल जो मैंने माँगा था मगर गैरों ने पाया था 
बड़ी शय हैं अगर उसकी पशेमानी मुझे दे दो 
 
tum apanaa rnja-o-agm, apanee pareshaanee mujhe de do 
tumhe gm kee kasam is dil kee weeraanee mujhe de do 

ye maanaa main kisee kaabil naheen hooan in nigaahon men 
buraa kyaa hain agar ye duhkh ye hairaanee mujhe de do 

main dekhoo to sahee duniyaaan tumhe kaise sataatee hain 
koi din ke liye apanee nigenbaanee mujhe de do 

wo dil jo mainne maaangaa thaa magar gairon ne paayaa thaa 
badee shay hain agar usakee pashemaanee mujhe de do 
 
https://www.youtube.com/watch?v=A8Yr1OOeOT8
 
 

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